दोनों थे ! बहुत देर तक online दोनों की बजह एक थी........ इंतजार था कि सामने वाला पहल करे घण्टो बीत गए। ना यहाँ से शुरुआत हु…
Read moreउजड़े हुए शजर के हम वो परिंदे हैं, सूखे हुए दरख़्त ने जिनको पनाह दी। हद में रहना सीख चुके हैं यारों हम। कुछ न कहना सीख चुके …
Read moreअफवाहे सुन कर बदनाम मत करना, समझना है तो सामने से मिलना वरना दूर से राम राम करना।🔥 राह कैसा भी हो पकड़ कर चलिए, अगर तुम्हार…
Read moreवो मुझसे पूछते है, तुम मेरे लिए क्या कर सकते हो। अरे पागल तू हाथ थाम कर तो देख, हाथ कभी न छोड़ने का वादा करता ह…
Read moreतू झगड़े की जमीन जैसी है, माँ कसम एक इंच भी छोड़ने का दिल नही करता।
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